Saturday, 22 September 2012

काश पुराने दोस्त आज यहाँ होते


थोड़ा मज़ाक होता,
थोड़ी मसखरी होती, 
थोड़ा मौज कर लेते, 
काश पुराने दोस्त आज यहाँ होते। 
कुछ पुरानी यादें ताजा हो जातीं,
कुछ भूले सपने जवां हो जाते,
कुछ लम्हों को दुबारा जी लेते,
काश पुराने दोस्त आज यहाँ होते। 
नयी जिंदगी के नए किस्से बयां करते,
मुसीबतों का बोझ कुछ हल्का हो जाता,
गले लग एक दूसरे के जरा रो लेते,
काश पुराने दोस्त आज यहाँ होते। 
फिर क्या है...,
जिंदगी किसने देखी है,
न जाने कब मुलाकात हो,
बस एक बार एक दूसरे को तसल्ली से देख लेते,
काश पुराने दोस्त आज यहाँ होते। 

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